December 19, 2021

पुरातन सम्पदा का अमूल्य खजाना है जदुवंशियों की ऐतिहासिक धरोहर तिमनगढ़ दुर्ग–

पुरातन सम्पदा का अमूल्य खजाना है जदुवंशियों की ऐतिहासिक धरोहर तिमनगढ़ दुर्ग — जदुवंशी क्षत्रियों का मध्यकालीन यह तिमनगढ़ दुर्ग राजस्थान का खजुराहो कहा जाता है । पाषाण की मूर्तियों के अमिट खजाने और हस्तशिल्प कला के बेजोड़ नमूनों के लिए तिमनगढ़ का किला प्रसिद्ध है। यह किला जिला मुख्यालय करौली से 40 किमी. की […]

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सांस्कृतिक एवं कलात्मक धरोहर का प्रतीक मध्यकालीन यदुवंशियों का ऐतिहासिक दुर्ग ताहनगढ़ —

सांस्कृतिक एवं कलात्मक धरोहर का प्रतीक  मध्यकालीन यदुवंशियों का ऐतिहासिक दुर्ग ताहनगढ़— बयान से लगभग 23 कि.मी दक्षिण में एक उन्नत पर्वतशिखर पर मध्यकाल प्रसिद्ध दुर्ग ताहनगढ़  (तिमनगढ़) या त्रिभुवनगढ़ स्थित है। दुर्गम पर्वतमालाओं से आवृत , वन सम्पदा  से परिपूर्ण तथा नैसर्गिक सौन्दर्य से सुशोभित इस दुर्भेद्य दुर्ग की अपनी अदभुत निराली ही  शान

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Tribe Jadons ,Jadus, Jadhvas (Hindi) ,the puranic Yadavas (sanskrit)Lunar Race Kshatriyas —

Tribe Jadons , Jadus , Jadhavas  (Hindi )   ‘ the Puranic Yadavas (Sanskrit ) lunar race kshatriyas —– A Tribe of lunar race rajputs and  descendants of Yadu  , the eldest son of Yayati and Devayani , a pastoral race of ancient India .The date of their arrival in India ia unknown .The Yadavas were

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